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राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन

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हमारे देश में ऐसे बुजुर्ग व्यक्ति है, जिनके पास अपनी रोजी रोटी जुटाने की ताकत नहीं है, जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं, अनाथ का जीवन जी रहे है. वास्तविकता यह है कि हमारी प्रधान मंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी ने वर्ष १९७२ से गरीबी हटाओ का नारा दिया था. 43 वर्ष के बाद भी आज देश में गरीबो की संख्या इजाफा हुआ है. इसका एक मात्र कारण जो मेरे समझ में आता है वह यह है कि हम वास्तविक गरीब को सहायता देने में विफल रहे इसीलिए गरीब बढ़ते रहे और वाहन भी बढ़ रहे है.गरीबी रेखा की सूची में ऐसे नाम सामने आरहे है जो आर्थिक दृष्टया मजबूत है. भोपाल कलेक्टर ने गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारो का सर्वे शुरू किया है, इस सर्वे में अनेक बड़े लोगो के नाम सामने आने की संभावना है.ऐसे व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन जिसे अब इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के नाम से जाना जाता है. यह ऐसे व्यक्तियों के यह योजना 19.11.2007 शुरू की गयी है. इस योजना के तहत केन्द्रीय राशी प्राप्त करने के लिए पात्रता का विवरण निम्नानुसार है:-
1. हितग्राही की आयु 65 वर्ष से अधिक होना चाहिए.
2. यह हितग्राही गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने परिवार का सदस्य होना चाहिए.
पेंशन की राशि
इस योजना के तहत हितग्राही को केन्द्रीय सहायता के रूप में रू 200 प्रतिमाह दी जाएगी.
भुगतान कैसे किया जायेगा
इस योजना की राशी डाकघर में या राष्ट्रीयकृत बैंक में हितग्राही का खाता खोलकर जमा की जाएगी. नगद या चेक द्वारा राशी हितग्राही को नहीं दी जाएगी.
राज्य सरकार का प्रमाण पत्र
इस योजना के तहत राज्य सरकार केंद्र सरकार को यह प्रमाण पत्र भेजेगी कि सभी पात्र व्यक्तियों को इस योजना में शामिल कर लिया गया है.
हितग्राहियों की संख्या का निर्धारण
इस योजना के अंतर्गत सहायता पाने वाले पात्र हितग्राहियों की संख्या का निर्धारण उन सभी लाभार्थियों की क्षेत्र रिपोर्ट के अनुसार किया जायेगा पात्रता का मानदंड पूरा करते है.
केंद्र सरकार की यह योजना राज्य सरकारे नगरीय क्षेत्रो में नगरनिगमों, नगरपालिकाओ,नगर पंचायतो और ग्रामीण क्षेत्रो में ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत के माध्यम से संचालित करती है. इस योजना के लिए हितग्राहियों का चयन ये संस्थाए करती है. चयन का कोई वैज्ञानिक आधार मुझे नज़र नहीं आया. इस योजना में पात्र हितग्राहियों का चयन करने के लिए एक सूक्ष्म सर्वे की जरुरत है, मप्र सरकार ने समग्र के माद्यम से सारी योजनाओ का लाभ दे रही है. इससे पात्र व्यक्ति का चयन कम्पुटर करता है. इस कारण इस प्रदेश में केवल पात्र व्यक्ति ही इसका लाभ ले पाएंगे.

क्या है समग्र योजना
मप्र में निवास कर रहे समाज के सबसे कमजोर,निर्धन वर्ग, वृध्द ,श्रमिक वर्ग,निशक्तजन कन्याओ,विधवाओ,परित्यक्त महिलाये और इन पर आश्रित बच्चो, बीमार सदस्यों को समाजिक सुरक्षा पारदर्शिता के साथ प्रदान करने के लिए समग्र मिशन की शुरुवात की गयी है. इससे हितगाही मूलक योजनाओ का लाभ पात्र हितग्राहीयो को मिलेगा,
समग्र के उददे्श्य
1. योजना एवं सहायता राशि की दरों का युक्तियुक्तकरण
2. नियम एवं प्रक्रिया को आसान बनाना।
3. विभिन्न कार्यक्रमों की प्रक्रिया का कप्यूटरीकरण करना तथा हितग्राही मूलक जानकारी तथा कार्यक्रमों की
जानकारी को पारद्र्शिता हेतु पोर्टल पर उपलब्ध कराना
4. शासन की हितग्राहीमूलक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वुयन हेतु प्रदेश के समस्त नागरिकों/परिवारों का एकीकृत डाटाबेस तैयार कर संधारित करना ।
5. पात्र हितग्राही को बिना किसी बाधा के निर्धारित समय सीमा में सहायता पहुंचाना।
6. सहायता प्राप्त करते समय होने वाली समस्या से निदान दिलाना ।
7. योजनाओ के पात्र प्रत्याक्षी को डेटाबेस के आधार पर योजनाओ का लाभ पहुँचाना
8. ई-बैंकिंग सुविधा का उपयोग करना, ताकि सहायता प्राप्त करने में लगने वाले समय को कम किया जा सके
9. अति गरीब, निराश्रित , विकलांगजन एवं दूर दराज में रहने वाले और वंचित हितग्राही तक संपर्क बनाना।
10. योजनाओं की कार्यविधि में पा*रदर्शिता एवं नियमित समीक्षा।
समग्र के द्वारा दी जाने वाली सुविधा
1. समग्र पेंशन पोर्टल
2. खाद्य सुरक्षा पोर्टल
3. समग्र शिक्षा पोर्टल
4. समग्र विवाह पोर्टल
5. समग्र स्पर्श पोर्टल
6. समग्र प्रमाण पोर्टल
7. समग्र बी पी एल पोर्टल
http://www.samagra.gov.in/ इस लिंक पर जाकर समग्र के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है. शासन की विभिन्न योजनाओ का लाभ प्राप्त करने के लिए नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत में पंजीयन आवश्यक है, एक बार पंजीयन होने के बाद कोंनसी सुविधा के लिए आप पात्र है इसकी जानकारी 1 से 7 में बताये गए पोर्टल में प्राप्त हो जाएगी और इसके अनुसार आपको सुविधा का लाभ मिलना शुरू हो जायेगा. समग्र के बनने से किसी के हाथ पैर जोड़ने की जरुरत नहीं रह गयी है. आपकी पंजीयन की जानकारी के अनुसार आप किस योजना के पात्र है इसका निर्णय इसके लिए बनाया गया सॉफ्ट वेयर तय करता है. यह सच है समग्र में आने वाले हितग्राही इतने पढ़े लिखे नहीं है कि वे समग्र आयडी का प्रयोग कर उनको मिलने वाली सुविधा के बारे में जान सके, इसके लिए वे MPonline और निकायों के कार्यालय में जाकर पता कर सकते है. प्रदेश के किसानो को सरकार की सोसाइटीयो से खाद,बीज आदि के लिए भी समग्र आयडी जरुरी है, इन सोसायटियो से फसल बेचने के लिए भी यह जरुरी है.
सामाजिक सुरक्षा पेंशन
राज्य शासन ने वर्ष 1981 से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना शुरू की है. यह योजना शहरी क्षेत्र में नगरीय निकाय के माध्यम से और ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीण निकायों के माध्यम से संचालित की जा रही है, इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए इन निकायो में उपलब्ध फार्म को भर देना होता है. ये निकाय फार्म में दी गयी जानकारी का परिक्षण करते है, और समाधान होने पर इस योजना में शामिल किया जाता है.
इस योजना के लिए पात्रता
1. प्रदेश के 60 वर्ष से अधिक आयु के निराश्रित वृध्द
2. प्रदेश की 18 वर्ष से अधिक आयु की निराश्रित विधवा परित्यक्त महिलाये
3. प्रदेश के 14 वर्ष से अधिक आयु के निराश्रित नि:शक्त व्यक्ति
4. 6 से 18 वर्ष आयु के निशक्त बच्चे इस पेंशन के लिए तभी पात्र माने जायेंगे जब वे किसी स्कुल में भर्ती होकर पढाई कर रहे हो तथा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार से हो
पेंशन की राशी
1. समस्त पात्र हितग्राहियों को रू 150 प्रतिमाह प्रति हितग्राही की दर से पेंशन डाक घर या राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर उनके खाते में जमा की जाएगी, किसी भी हितग्राही को नगद या चेक के रूप में राशी का भुगतान नहीं किया जायेगा.
2. 10 नोवेम्बर 2011 से 60 वर्ष से अधिक आयु के गरीबी रेखा परिवार के वृध्दो को इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय वृधावस्था पेंशन योजना में शामिल किया गया है. 65-79 वर्ष के ऐसे हितग्राहियों को इस योजना के तहत मिलने वाली पेंशन के अतिरिक्त राज्य सरकार ने रू 75 प्रतिमाह की राशी देने का निर्णय लिया है.
गरीबो के लिए चलायी जा रही विभिन्न योजनाओ में सबसे बड़ी विसंगति यह है कि हमने गरीब कोन है इसको पहचानने में गलती की है, इसके पीछे अनेक कारण हो सकते किन्तु यह एक कड़वा सच है. मैंने गरीब कौन है ?
इसके बारे में एक कहानी पढ़ी थी. यह कहानी इस प्रकार है, एक परिवार में पति, पत्नी ,एक बेटा और बेटी थी, पति मजदूरी करके इनका सबका पेट भरता था, अचानक पति की मौत हो गयी, हमारे समाज में जिस घर में शोक होता है उस घर में खाना नहीं बनता पास पड़ोस के लोग एक दो दिन यह खाना देते है, इस परिवार को भी दो तीन खाना पड़ोसियों ने दिया, पत्नी ने मजदूरी शुरू की और घर में फिर से खाना बनने लगा. कुछ दिन ठीकठाक चला बेटा बीमार हो गया बीमार बेटे को छोड़ माँ कैसे काम पर जाती ? घर में खाना बनना बंद हो गया, छोटी बेटी जो 3-4 साल की थी 4-5 दिन भूखी रही फिर जब उससे भूख सहन नहीं हुयी तो उसने माँ से पूछा माँ भाई कब मरेगा ? बेटी की बात सुनकर माँ अक पका गयी, उसने कहा तू ऐसा क्यों बोल रही है तब उसने रोते हुए कहा माँ भाई मरेगा तो आस पास के लोग खाना ला देंगे. यह गरीबी है, ऐसे गरीबो की पहिचान हमें करनी है. आज भी ऐसे गरीब है. जो किसी योजना के तहत नहीं जिसकी पहुच है वह अमीर भी आज गरीबी रेखा के नीचे जीवन जी रहा है. यह भी सच है कि जब बिना काम के मिल रहा है तब कोई काम क्यों करेगा, मुफ्त में मिलने वाले गेहू चावल को बेचकर गरीब दारू पी रहा है. इसीके बारे में मैंने फेस बुक पर पढ़ा था
पान की दुकान पर खडे एक 30 वर्षीय युवक से बातचीत के कुछ अंश...
मैने पूछा कुछ कमाते धमाते क्यो नहीं?
वह बोला, "क्यो?" मै बोला, "शादी कर लो?" वह बोला, "हो गई।"
मैंने पूछा, "कैसे?"
वह बोला, "मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में।"
मैं बोला, "फिर बाल बच्चों के लिए कमाओ।"
वह बोला, "जननी सुरक्षा से डिलवरी मुफ्त और साथ मे 1400/- रू का चेक।"
मैं बोला, "बच्चों कि पढ़ाई लिखाई के लिए कमा लो।"
वह बोला, "उनके लिए पढ़ाई और भोजन मुफ्त।"
मैं बोला, "यार घर कैसे चलाते हो?" वह बोला, "1रू किलो गेंहू और चावल से।"
मैं झुंझला कर बोला, "यार माँ-बाप को तीर्थ यात्रा पे ले जाने के लिए तो कमा।"
वह बोला, "दो धाम करवा दिए हैं, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा से।"
मुझे गुस्सा आया और मैं बोला, "माँ-बाप के मरने के बाद जलाने के लिए कमा।"
वह बोला, "1 रू में विद्युत शवदाह गृह है।"
मैंने कहा, "अपने बच्चों की शादी के लिए कमा।"
वह मुस्कुराया और बोला, "फिर वहीं आ गए... वैसे ही होगी जैसे मेरी हुई थी।"
मैं बोला, "यार एक बात बता ये इतने अच्छे कपडे तू कैसे पहनता है?"
वह बोला, "राज की बात है... फिर भी बता देता हूँ, 'सरकारी जमीन पर कब्जा करो आवास योजना मे लोन लो और फिर मकान बेच कर फिर जमीन कब्जा कर पट्टा ले लो'।"
मुझे तो कुछ समझ नहीं आया। अब आप ही बताइये... यह किस प्रदेश का निवासी है? अगर नही पता चले तो एक बार ज़रूर आना.

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