Ram Kasture

लाडली लक्ष्मी योजना

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लाडली लक्ष्मी योजना
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मैंने बेटी पर कविता बनायीं उसे शेयर कर रहा हूँ
गुणों की खान हूँ.
इसीलिए देश की शान हूँ.
छोटी थी तब घर को सर पर लेती थी.
जो चाहे मनवाती थी.
सब को मजबुर करती थी.
सब मानते थे क्युकी घर की बेटी थी.
अब स्कुल ख़त्म कर कालेज जाने लगी हूँ.
अपना धर्म समझने लगी हूँ.
इसीलिए हर साल अवल आती हूँ.
माँ पापा को कुछ कर दिखाना है.
इसीलिए यह अभ्यास है.
भाई को दिखाना चाहती हूँ.
तेरी जगह मै लुंगी.
बूढ़े माँ पापा का सहारा बनूँगी.
जो भी करना है करुँगी.
तेरी राह नहीं देखूंगी.
तेरे आने में समय लगेगा.
उनको अग्नि मै ही दूंगी.
तू आने तक सब निपटा दूंगी.
इनका वार्षिक श्राद्ध होने के बाद
मै खुद अपना साथी खोजूंगी.
एक नया घर बसाकर सास की सेवा करुँगी.
पति के साथ घर को सम्ह्लुंगी.
इस घर को अपना बनाकर
इस दुनिया से चल दूंगी.
देश में बालिकाओ का अनुपात बालको की तुलना में कम होने से राजनेताओ और समाज सेवको की नींद उड़ने लगी. समाज में बेटे की चाह ने बेटियों को बिना मौत के मरने पर मजबूर कर दिया , गर्भ में ही मारने का प्रयास भी हुआ, सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और जन जागरण के जरिये बेटियों के महत्व को समझाया, सोनो ग्राफी केन्द्रों को निर्देश दिए गए कि प्रसव के पहले गर्भ में पल रहे शिशु का लिंग न बताया जाए, अनेको सोनोग्राफी केन्द्रों ने शासन के इस निर्देश को नहीं माना सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और इन पर कड़ी कार्यवाही की, बेटी के महत्व समझाया गया, बेटियों के लिए योजनाये बनायीं गयी ताकि बेटी को लोग बोझ न समझे. इसी कड़ी में मध्यप्रदेश सरकार ने लाडली लक्ष्मी योजना बनायीं, इसके कारण भी गरीब लोगो को बेटी प्यारी लगने लगी. आज प्रदेश का वातावरण बेटियों के अनुकूल है, प्रदेश की जनता बेटे बेटी में फर्क नहीं कर रहे है. बेटी को भी बेटे जैसी शिक्षा दे रहे है. बेटे की सारी सुविधा बेटियों को मिल रही है. मप्र पहला राज्य है जिसने बेटियों के बारे में सोचा और इनके लिए बनायीं गयी लाडली लक्ष्मी योजना ने देश में जगह पाया.
क्या है लाडली लक्ष्मी योजना
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उदेश्य : इस योजना का उदेश्य है लडकियों के स्वास्थ उनके शिक्षा के स्तर में सुधार लाना, उन्हें सम्मान का जीवन जीने के वातावरण बनाना,लडकियों की भ्रूण हत्या रोकना और बाल विवाह रोकना आदि इस योजना का उदेश्य है.
यह योजना उन बालिकाओ पर लागु होगी जो जो एक जनवरी 2006 या उसके बाद जन्मी हो.
इस योजना का लाभ कोन ले सकता है
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1.जिसके माता पिता मध्यप्रदेश के मूल निवासी हो और आयकर दाता न हो.
2. द्वितीय बालिका के जन्म के बाद जिन्होंने परिवार नियोजन अपना लिया हो.
3. प्रथम प्रसव की प्रथम बालिका का जन्म 1.04.2008 के बाद हुआ हो.
4. आगंवाडी केंद्र में हितग्राही की उपस्थिति नियमित हो.
5. जिस परिवार में दो संतान हो और माता पिता की मृत्यु हो गयी हो ऐसे प्रकरण में परिवार नियोजन की शर्त लागू नहीं होगी किन्तु मृत्यु प्रमाण पत्र आवश्यक होगा.
6. परिवार जिसमे प्रथम प्रसव में बालक और बालिका हो और दुसरे प्रसव में जुड़वाँ बेटिया पैदा हुयी हो तब इन दोनों बेटियों को इस योजना का लाभ मिलेगा.
7. परिवार जिसने किसी अनाथ बालिका को गौद लिया हो. उसे प्रथम बालिका मानते हुए इस योजना का लाभ दिया जायेगा.
8. माता पिता की मृत्यु की दशा में बच्ची की 5 साल के उम्र तक आवेदन किया जा सकता है.
9. किसी परिवार में प्रथम प्रसूति में 3 बेटियों का जन्म हुआ है इन तीनो बेटियों को इस योजना का लाभ मिलेगा.
10. इस योजना का लाभ लेने के लिए उनके पेरेंट्स बेटी के जन्म के 2 वर्ष तक सबंधित जिले के कलेक्टर को आवेदन कर सकते है.
आवेदन का और कैसे करना होगा
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1. योजना का लाभ लेने के लिए गाव या मोहल्ला की आगंनवाडी केंद्र से संपर्क करना होगा.
2. आवेदन के समस्त निर्धारित दस्तावेज जैसे जन्म का प्रमाण पत्र, परिवार नियोजन किये जाने का प्रमाणपत्र आदि सलग्न करना, और कोंनसे दस्तावेज सलग्न करना है, आगनवाड़ी केंद्र से पूछा जा सकता है,
3. अनाथ बालिका की दशा में, संरक्षण गृह के अधीक्षक द्वारा बालिका के अनाथालय के प्रवेश के एक वर्ष के अंदर या बालिका की आयु 6 वर्ष होने तक आवेदन कर सकते है.
पंजीकरण
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1. किसी भी आगंनवाड़ी केंद्र में जन्म से एक वर्ष के अंदर पंजीयन कराना अनिवार्य है.
2. पंजीकरण के लिए माता को आगंनवाड़ी केंद्र में बालिका के जन्म के एक वर्ष के अंदर आवेदन करना होगा.
3.ऐसी बालिकाएं जो अपने माता-पिता की पहली संतान हैं एवं जिनका जन्म 31 मार्च 2008 के पूर्व हुआ है तो द्वितीय संतान के जन्म 1 वर्ष के अंदर पंजीयन एवं आवेदन कराना आवश्यक होगा
राशी का प्रदाय
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प्रकरण स्वीकृत होने पर हितग्राही के नाम पर रू 6000 के बचत पत्र 5 वर्ष तक क्रय किये जायेंगे, इसके बाद
1. बालिका के छटवी में प्रवेश लेने पर रू 2000, नवमी में प्रवेश लेने पर रू 4000 और ग्यारवी में प्रवेश लेने पर रू 7500 का एक मुश्त नगद भुगतान किया जायेगा.
2.बालिका की आयु 21 वर्ष होने पर तथा 12 वी में प्रवेश लेने पर शेष राशी रू 100000 (इसकी जानकारी महिला बाल विकास के जिला कार्यालय से ली जा सकती है )का भुगतान किया जायेगा. यह भुगतान तब ही किया जायेगा जब बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु के बाद हुआ है. इसका प्रमाण पत्र भी देना होगा.
यह बालिकाओ के बहुत अच्छी योजना है, इस योजना से बालिका के खर्च के लिए राशी सरकार देती है और बेटी माँ बाप पर बोझ नहीं रहती. अधिकाधिक नागरिक इस योजना का लाभ ले यही निवेदन है. अनेक नागरिक इस योजना से आज भी परिचित नहीं है. मैंने इस ब्लॉग में योजना का उदेश्य, योजना के लिए पात्रता और मिलने वाली राशी का विवरण दिया है, योजना में यदि कोई परेशानी आती है तब जिले के कलेक्टर, महिला बालविकास अधिकारी से संपर्क कर सकते है. यदि ये दोनों अधिकारी से आपकी समस्या का समाधान नहीं होता है तब आप इस पते पर संपर्क कर सकते है.
महिला सशक्तिकरण
ब्लाक -2, चतुर्थ तल पर्यावास भवन भोपाल 462011
फोन नंबर- 0755-2550917
फेक्स - 0755-2550917
लाडली लक्ष्मी हेल्प लाईन नंबर-07879804079 इस नंबर पर आपको योजना से सबंधित समस्या का समाधान मिल सकेगा
EMail ID: ladlilaxmimp@gmail.com

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